Chapters: 70
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दुष्ट सौतेली की भूमिका निभाती नायिका खुद उसी कहानी में जागती है। अकाल के समय उसे बच्चों से सख्ती करनी थी, पर सिस्टम कहता है, बच्चों को रोज़ मांस खिलाओ। बार‑बार की दावत से शक्की बच्चे भी उस पर भरोसा करने लगते हैं, तभी मोर्चे से लौटा सख्त जनरल पिता उनकी नई ज़िंदगी की परीक्षा लेने आ पहुँचता है।